लीला की ‘पद्मावत’ पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी

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संजय तिवारी

लखनऊ: संजय लीला भंसाली की पद्मावती से पद्मावत हो चुकी फ़िल्मी गाथा पर करणी सेना का माथा अभी भी बहुत गरम है। उधर ओबैसी साहब ने इससे मुलमानों को सीख लेने की सलाह दे डाली है। करणी सेना ने फिल्म के रिलीज के दिन यानी 25 जनवरी को भारतबंद का ऐलान कर राजपूत महिलाओं से जौहर कराने की तैयारी को अंतिम रूप देना भी शुरू कर दिया है। भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को गंभीर चेतावनी जारी कर दी है। यदि प्रसून जयपुर में प्रवेश करते हैं तो उनके साथ संजय लीला भंसाली से भी गंभीर बुरा बरताव हो सकता है। इसी बीच राजपूत एकता को मिसाल बनाते हुए ओबैसी ने देश के मुसलमानों से अपील जारी किया है कि वे इस फिल्म को कतई न देखें। कुल मिलाकर हालात बदतर ही कहे जा सकते हैं।

मुसलमान न देखें फिल्म
ऑल इंडिया मज्लिस-ए-इतेहदुल मुसलिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पद्मावत को ‘बकवास’ बताते हुए मुसलमानों से फिल्म को न देखने का आग्रह किया है। ओवैसी ने यह बयान बुधवार को वारंगल शहर में अखिल भारतीय अभियान ‘सेव शरिया’ को लेकर एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करने के दौरान दिया। ओवैसी ने मुसलमानों विशेषकर युवाओं से कहा कि फिल्म पद्मावत को देखने न जाएं, अपना समय और पैसा बर्बाद न करें। उन्होंने कहा, यह संयोग एक मुस्लिम लेखक द्वारा लिखी कहानी पर आधारित है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘पद्मावत एक ‘मनहूस’ (शाप-ग्रस्त) और ‘गलीज’ (बुरी) फिल्म है। उसके पीछे भागने की जरूरत नहीं है, पद्मावत को देखने न जाएं। भगवान ने आपको इस दो घंटे की फिल्म देखने के लिए नहीं बनाया है। भगवान ने आपको एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए बनाया है और अच्छी चीजें करें, ताकि सदियों तक उसे याद रखा जाए।

लीला की 'पद्मावत' पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी
लीला की ‘पद्मावत’ पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी

ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ‘बकवास’ फिल्म की समीक्षा करने और उसके दृश्यों में कटौती का सुझाव देने के लिए 12 सदस्यीय समिति का गठन किया। फिल्म पद्मावत की कहानी 16वीं शताब्दी (1540) के कवि मलिक मुहम्मद जयसी द्वारा लिखे गए उपन्यास पर आधारित है, जिसका कोई ऐतिहासिक आधार नहीं है।
तीन तलाक को लेकर पीएम मोदी का घेराव करते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकार ने एक उपन्यास पर आधारित फिल्म पर बहुत रुचि दिखाई है, लेकिन जब मुस्लिम कानून (ट्रिपल तलाक मुद्दे) की बात आती है, तो प्रधानमंत्री को मुस्लिम नेताओं से परामर्श करना उचित नहीं लगा था। एमआईएम नेता ने मुसलमानों को राजपूतों से सीखने को कहा जो अपनी रानी के समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘राजपूत हमे आयना दिखा रहे हैं। वे पद्मावत के मुद्दे पर एकजुट हैं और किसी भी सूरत में फिल्म को रिलीज न होने देने पर अड़े हैं। लेकिन मुसलमानों को विभाजित किया जा रहा है।

लीला की 'पद्मावत' पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी
लीला की ‘पद्मावत’ पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी

अब प्रसून जोशी निशाने पर ,25 को भारत बंद
अपना प्रदर्शन जारी रखते हुए करणी सेना ने शुक्रवार को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को जयपुर साहित्य उत्सव के दौरान जयपुर नहीं आने की धमकी दी है। करणी सेना ने धमकी दी है कि अगर वह जयपुर आए तो ‘बुरी तरह पीटे’ जाएंगे। करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि फिल्म को रिलीज करने वालों और फिल्म के समर्थन में कुछ भी बोलने वालों को जयपुर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिल्म का नाम पद्मावती से पद्मावत करने से वे लोग संतुष्ट नहीं हैं। वे फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध चाहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में दखल देने का आग्रह करते हुए उनसे इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) केंद्र सरकार के अधीन आता है, इसलिए फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार को कार्रवाई करनी चाहिये।

लीला की 'पद्मावत' पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी
लीला की ‘पद्मावत’ पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी

उन्होंने शिकायत करते हुए कहा, “भंसाली ने वादा किया था कि फिल्म बनने के बाद सबसे पहले लोकेन्द्र सिंह कल्वी (करणी सेना नेता) और संगठन के अन्य सदस्यों को दिखाई जाएगी। लेकिन, उन्होंने फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया तथा घूमर गाना उन्हें बिना दिखाए जारी कर दिया, जो गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हिन्दुत्व और मन्दिर की बात केवल वोट पाने के लिए करती है। करणी सेना के प्रवक्ता विजेन्द्र सिंह ने कहा कि जयपुर में प्रसून जोशी का ‘स्वागत’ भी वैसा ही होगा जैसा संजय लीला भंसाली का किया गया था। उन्हें शहर में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भंसाली को थप्पड़ पड़ा था, लेकिन जोशी को बुरी तरह पीटा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिल्म की रिलीज के खिलाफ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 को बाधित कर दिया गया है। करणी सेना 25 जनवरी को फिल्म रिलीज होने पर भारत बंद का आह्वान करेगी। लोकेन्द्र सिंह कल्वी उस दिन भारत बंद को प्रभावशाली बनाने के लिए मुम्बई में मौजूद रहेंगे।

जौहर के लिए पंजीकरण शुरू
राजपूत समाज ने कहा कि यदि फिल्म रिलीज हुई तो महा संग्राम होगा, जौहर की ज्वाला में बहुत कुछ जलेगा। राजपूत समाज ने शुक्रवार से चित्तौड़गढ़ फोर्ट बंद करने की घोषणा करते हुए कहा कि फिल्म रिलीज होने से एक दिन पूर्व 24 जनवरी को राजपूत महिलाएं जौहर करेंगी। ये महिलाएं उसी स्थान पर जौहर करेंगी, जहां रानी पद्मनी ने 16 हजार रानियों और दासियों के साथ जौहर किया था।
शूटिंग के समय से ही फिल्म का विरोध कर रही राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि जौहर के लिए अब तक 1800 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया, करीब पांच हजार महिलाएं एक साथ जौहर करेंगी। उन्होंने बताया कि इसी दिन राजपूत समाज के लोग भी केसरिया साफा बांधकर तलवार लहराएंगे। कहा कि हमें इस बात का अंदेशा है कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की शह पर ही याचिका दायर करवाई गई और फिर दूसरे ही दिन फिल्म पर बैन हटाने का फैसला भी आ गया।

लीला की 'पद्मावत' पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी
लीला की ‘पद्मावत’ पर भारतबंद से जौहर तक, निशाने पर प्रसून जोशी भी

फिल्म पद्मावत को लेकर कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में राजपूत समाज के लोगों की गतिविधियां बढ़ गई है। कुछ जिलों में राजपूत नेताओं ने फिल्म का प्रदर्शन यूपी में प्रतिबंधित करने की मांग की है। राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा और ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा जैसे संगठन फिर सक्रिय हो गए हैं। फिल्म प्रदर्शन को लेकर बढ़ने वाली आशंकाओं के प्रति राज्य सरकार सतर्क है। लखीमपुर में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा अध्यक्ष कुलदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा गया। जिसमें फिल्म पद्मावत को उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित करने की मांग की गई।
भारतीय हिंदू संस्कृति की रानी पद्मावती को सती मां के रूप में पूजा जाता है फिल्म निर्देशक ने गलत तरीके से प्रदर्शित करने तथा राजपूतों के इतिहास के साथ खिलवाड़ किया है। राजपूतों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर स्तर पर संघर्ष करते रहेंगे। राजपूतों के हितों और राजपूत इतिहास को देखते हुए भंसाली के ऊपर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और तत्काल फिल्म पर प्रतिबंध न लगाया गया तो वह सब उग्र रूप धारण करने पर विवश होंगे। ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने एक बयान में कहा है कि पद्मावत फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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