ये क्या समझेंगे किसानों का दर्द, दैवी आपदा के बजट का सिर्फ 20 फीसदी खर्च

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लखनऊ : यूपी में किसानों का दर्द नजरअंदाज करने वाली वाली योगी सरकार में दैवी आपदा के मद में सिर्फ 20 फीसदी धनराशि खर्च की है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में अल्पसंख्यक कल्याण महकमे में 24 फीसदी, पर्यटन का 12 फीसदी, विकलांग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण पर 27 फीसदी, जनजाति कल्याण पर 28 फीसदी और कृषि महकमें में प्राविधानित बजट का सिर्फ 56 प्रतिशत ही खर्च हुआ है।
 दिलचस्प है कि सत्ता में आने के बाद से ही भाजपा नीत सरकार ने लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण का भुगतान करने के लिए 32399 करोड़ रूपये का प्रावधान किया था। कोशवानी से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक इसमें से सिर्फ 18372 करोड़ की धनराशि ही खर्च हो चुकी है। हालांकि कृषि के लिए सरकार ने कुल 36687.31 करोड़ की व्यवस्था की थी। इसमें से भी सिर्फ 55.89 फीसदी ही खर्च हो सके हैं।

लाठी के दम पर किसानों का दर्द दबाने की कोशिश

वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रभावित किसानों को अतिरिक्त सहायता के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं खर्ची गई है। जबकि वर्ष 2017-18 के बजट में स्टेट डिजास्टर रेस्पान्स फण्ड में 744 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था। दिलचस्प है कि ओलावृष्टि राहत के लिए 100 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था। पर इसमें से सिर्फ 4.45 करोड़ खर्चे गए हैं। हालिया महोबा में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों पर पुलिसिया लाठीचार्ज नाकारा अफसरों के उन कारनामों की पोल खोलती है। जिसमें वह कायदे कानूनों का हवाला देकर लाठी के दम पर किसानों का दर्द दबाने की कोशिश करते हैं।

ये 15 जिले ओलावृष्टि से हैं प्रभावित 

प्रदेश में ओलावृष्टि से जो 15 जिले प्रभावित हैं। उनमें अलीगढ़, इलाहाबाद, कौशाम्बी, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, झांसी, जालौन, ललितपुर, कन्नौज, लखनऊ और हरदोई शामिल हैं।

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